Dec 12, 2017

tajmahal full history in hindi ताज महल का इतिहास

आज हम एक ऐसी इमारत के बारे में बात करेंगे जो केवल एक इमारत ही नहीं बल्कि एक प्रेम की निशानी मानी जाती है. इंडिया पूरे वर्ल्ड में सबसे ज्यादा किसी चीज के लिए जाना जाता है तो वह है ताजमहल.  है. ताजमहल विश्व के सात अजूबों में से एक है जो अपनी सुंदरता और उसके पीछे की कहानी के लिए जाना जाता है. तो यहां पर हम आपको बताएंगे कि ताजमहल कब बना, ताजमहल किसने बनवाया, ताजमहल का नाम ताजमहल कैसे पड़ा, दुनिया के सात अजूबे में ताजमहल को कब शामिल किया गया और क्यों किया गया, ताजमहल कहां पर है.


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ताजमहल कहां है (taj mahal kaha hai)

ताजमहल भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के आगरा जिले में यमुना नदी के किनारे स्थित है. जो कि यह भारत के राजधानी दिल्ली से करीब 243 किलोमीटर की दुरी पर है.

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 ताजमहल को किसने और कब बनवाया था

 (tajmahal ko kisne aur kab banvaya tha)

ताजमहल को मुगल सम्राट शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज महल की याद में बनवाया था. जो कि इसका निर्माण कार्य 1632 से 1653 के बीच पूरा हुआ. जिसमें लगभग 22 वर्ष लगे ताजमहल के निर्माण कार्य में करीब 2000 से भी ज्यादा लोगों ने मिलकर इस ईमारत को बनाया था. तथा इसकी लागत लगभग 32 मिलियन आंका जाता है जो कि भारतीय मुद्रा में 3.2 करोड़ होगा. कहा जाता है कि शाहजहां ने ताजमहल के निर्माण के बाद अपने 2000 कारीगरों के हाथ कटवा दिए थे ताकि दूसरा ताजमहल कोई ना बनवा सके.
ताजमहल का नाम कैसे पड़ा
 (tajmahal ka naam kaise pada)

दरअसल शाहजहां के एक से अधिक पत्नियां थी. जिसमें से सबसे ज्यादा प्रेम वे मुमताज महल से करते थे. मुमताज महल का जन्म 1593 में परसिया देश में हुआ था. तथा वह एक राजकुमारी भी थी. शाहजहां और मुमताज के 14 बच्चे थे तो शाहजहां उस समय के ऐसे आशिक माने जाते हैं जो अपनी प्रेम के लिए दुनिया का सबसे खूबसूरत इमारत बनवाना चाहते थे. तो शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में ही यह ईमारत बनवाया जिसका नाम ताजमहल रखा. इसे मुमताज का मकबरा भी कहते हैं.

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ताजमहल को विश्व धरोहर में कब शामिल किया गया

(Tajmahal ko vishva dharohar me kab shamil kiya gaya)

ताजमहल को यूनेस्को द्वारा 1983 में विश्व धरोहर (world heritage) में शामिल किया गया . इसके साथ ही ताजमहल को सन 2007 में विश्व के सात अजूबे में शामिल किया गया था ताजमहल को देखने के लिए देश-विदेश से हर साल करीब 70 लाख से 90 लाख तक पर्यटक आते हैं.

 ताजमहल की कुछ अन्य बातें

(taj mahal ki kuch rochak baate)

  • ताजमहल को उस समय बनाने में 3.2 करोड़ रुपए लगे थे. अगर अभी के समय में ताजमहल बनाया जाए तो इसकी लागत 6800 करोड़ रुपए तक आ सकती है.
  • पूरे विश्व में सबसे ज्यादा देखे जाने वाली इमारत ताजमहल है
  • दुनिया के सात अजूबे में ताजमहल तीसरे नंबर पर है
  • ताजमहल बनाने में इस्तेमाल होने वाले सामान को लाने ले जाने के लिए 1000 से भी ज्यादा हाथियों का सहारा लिया था
  •  कहां जाता है कि शाहजहां ताजमहल जैसा ही एक काला ताजमहल बनवाना चाहते थे. लेकिन उनकी यह इच्छा अधूरी रह गई क्योंकि उनके अपने ही बेटे ने उसे कैद कर लिया था
  • ताजमहल एक ऐसी इमारत है जो सुबह को हल्का गुलाबी और शाम को सफेद और रात में सुनहरा रंग में दिखाई देता है
  • ताजमहल के चारों मीनारें हल्का बाहर की ओर झुकी हुई है. जिसे बनाने के पीछे यह है कि अगर भूकंप आए तो यह मीनारें ताजमहल पर ना गिर कर बाहर की ओर गिरे. जिससे ताजमहल को कोई नुकसान ना हो
  • कहा यह भी जाता है कि. हिंदू समुदाय के अनुसार ताजमहल एक शिव मंदिर है. और इसका असली नाम तेजो महालय है
  • ताजमहल को देखने प्रतिदिन देश-विदेश से 12000 से भी ज्यादा पर्यटक आते हैं
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To friends yaha aapne jana tajmahal ke history ke bare me jisme hame aapko bataya ki. taj mahal kaha hai. tajmahal ko kab aur kisne banvaya. tajmahal ko 7 ajoobo me kab samil kiya gaya etc.


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